“मदरसों में आई नई रोशनी”
पटना, बिहार।
बिहार राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड आज बदलाव, आधुनिक शिक्षा और नई सोच का प्रतीक बनता जा रहा है। इस परिवर्तन के केंद्र में हैं बिहार राज्य मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष जनाब सलीम परवेज साहब, जिन्होंने मदरसों की पारंपरिक छवि को बदलकर उन्हें आधुनिक शिक्षा से जोड़ने की बड़ी पहल की है।
जनाब सलीम परवेज साहब ने पूर्व मुख्यमंत्री Nitish Kumar की सराहना करते हुए कहा कि बिहार के इतिहास में अब तक ऐसा कोई मुख्यमंत्री नहीं हुआ जिसने मुस्लिम समाज की शिक्षा, मदरसों के विकास और अल्पसंख्यकों की बेहतरी के लिए इतने व्यापक स्तर पर काम किया हो। उन्होंने कहा कि Nitish Kumar ने शिक्षा को समाज बदलने का सबसे बड़ा माध्यम माना और उसी सोच के साथ मदरसा शिक्षा में ऐतिहासिक सुधार किए गए।
मदरसा शिक्षा में आधुनिक बदलाव
बिहार राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड के अंतर्गत अब मदरसों में केवल धार्मिक शिक्षा ही नहीं बल्कि विज्ञान, गणित, अंग्रेजी, कंप्यूटर और आधुनिक विषयों की पढ़ाई पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बोर्ड द्वारा डिजिटल व्यवस्था को मजबूत किया गया है, परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाया गया है और शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया में सुधार लाया गया है।
सलीम परवेज साहब का कहना है कि उनका उद्देश्य मदरसा छात्रों को मुख्यधारा की शिक्षा और रोजगार के अवसरों से जोड़ना है ताकि वे देश और समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।
बिहार मदरसा बोर्ड की प्रमुख उपलब्धियां
मदरसों में आधुनिक शिक्षा प्रणाली को बढ़ावा
कंप्यूटर और तकनीकी शिक्षा की शुरुआत
परीक्षा और प्रमाणपत्र व्यवस्था का डिजिटलीकरण
शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता
छात्राओं की शिक्षा को विशेष प्रोत्साहन
मदरसों के भवन और आधारभूत सुविधाओं में सुधार
अल्पसंख्यक छात्रों के लिए नई योजनाओं का विस्तार
“शिक्षा से बदलेगा समाज”
जनाब सलीम परवेज साहब ने कहा कि आज बिहार के मदरसे नई सोच और नए भारत की पहचान बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री Nitish Kumar की नीतियों के कारण मदरसा शिक्षा को नई दिशा मिली है और अब यहां पढ़ने वाले बच्चे डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक और प्रशासनिक अधिकारी बनने का सपना देख रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार और मदरसा बोर्ड मिलकर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि शिक्षा का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
नई पहचान बना रहा बिहार
बिहार राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड ने हाल के वर्षों में जिस तेजी से बदलाव और विकास का रास्ता तय किया है, उसकी चर्चा अब पूरे देश में होने लगी है। शिक्षा जगत के लोग मानते हैं कि यदि इसी तरह सुधार जारी रहे तो बिहार का मदरसा मॉडल आने वाले समय में देश के अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा बनेगा।
Journalist Rana Shaidai.