रोहतास ज़िले के कई इलाकों में राज्य महिला आयोग की सदस्य रज़िया क़ामिल अंसारी का दौरा, बिहार सरकार द्वारा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में बड़ी भूमिका
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निरीक्षण के दौरान की तस्वीरें |
पटना: बिहार राज्य महिला आयोग की सदस्य रज़िया क़ामिल अंसारी ने रोहतास ज़िले के कई इलाकों का दौरा किया और समाज की महिलाओं की स्थिति का जायज़ा लिया। वह उन महिलाओं से मिलीं जो पिछले कई दशकों से साक्षर तो थीं, परंतु आत्मनिर्भर नहीं बन पाई थीं।
रज़िया क़ामिल अंसारी ने हालातों का निरीक्षण किया और बताया कि पिछले डेढ़ दशकों में महिलाओं के जीवन में काफ़ी बदलाव आए हैं, जिससे उनकी सामाजिक और आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है। वर्ष 2002 की तुलना में आज 2026 में काफ़ी परिवर्तन देखने को मिला है। विशेष रूप से घरेलू हिंसा के मामलों में काफ़ी गिरावट दर्ज की गई है।
पहले पतियों द्वारा मारपीट, विशेषकर मध्यम वर्ग, मज़दूर तबके और दिहाड़ी मजदूरों के परिवारों में, घर के खर्च या बुनियादी ज़रूरतों की मांग करने पर महिलाओं के साथ घरेलू हिंसा की घटनाएँ अधिक होती थीं। अब ऐसी घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आई है।
रज़िया क़ामिल अंसारी ने बताया कि गांव और शहर की महिलाओं में काफ़ी जागरूकता आई है और वे अब आत्मनिर्भर बन रही हैं, जिसमें नीतीश कुमार की सरकार की अहम भूमिका है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना तथा उन्हें सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक रूप से मज़बूत बनाना सरकार की प्राथमिकता रही है। इसका जीवंत उदाहरण आज बिहार के विभिन्न दफ़्तरों और क्षेत्रों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी के रूप में देखा जा सकता है।
हाल ही में मुख्यमंत्री रोजगार योजना के तहत ₹10,000 की राशि प्रदान की गई, जिससे महिलाओं ने छोटे-छोटे कुटीर उद्योग स्थापित कर व्यापार के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन किया है। सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं ने महिलाओं को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
स्कूली छात्र-छात्राओं को भी मुख्यमंत्री द्वारा पोशाक राशि, साइकिल योजना और छात्रवृत्ति के माध्यम से शिक्षा के क्षेत्र में मज़बूती प्रदान की गई है, जिसे देश में एक मिसाल के रूप में देखा जाता है। यही कारण है कि बिहार में महिलाओं की साक्षरता दर में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
महिलाएं पढ़ाई के साथ-साथ विभिन्न स्टार्टअप और अन्य क्षेत्रों में भी अपना परचम लहरा रही हैं। वहीं “ईको बिहार” के पत्रकार ने जब महिलाओं से बातचीत की, तो उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को धन्यवाद देते हुए बताया कि रोजगार योजना के तहत मिली राशि से उन्होंने अपने-अपने कार्य शुरू किए हैं।
कुछ महिलाओं ने सिलाई मशीन, बकरी पालन, मुर्गी पालन, अचार-मसाला तथा नमकीन जैसे व्यवसाय की शुरुआत की है। कई महिलाओं ने मुख्यमंत्री का आभार भी व्यक्त किया। जीविका समूह जैसी योजनाओं को लागू कर सरकार ने बिहार में व्यापक परिवर्तन लाया है।
आज बिहार में वे महिलाएं भी नेतृत्व करना सीख रही हैं और आत्मनिर्भर बन रही हैं, जो पहले केवल साक्षर थीं, पर आत्मनिर्भर नहीं थीं। वर्ष 2005 से 2026 तक बिहार की बड़ी संख्या में महिलाएं आत्मनिर्भरता की राह पर अग्रसर हुई हैं, जिसमें नीतीश कुमार का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।



